यह प्रेम यह प्रेम यह प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
चुराया नहीं इश्क़ छुपाया नहीं
खुल के ज़माने से बोल दिया
दुआ पूरी हुई रब की मंज़ूरी हुई
पीपल पे बाँधा धागा खोल दिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
मैंने गिरधर गिरधर मोल लिया
मैंने मन बसिये को टटोल लिया
मोहे लाज शरम न रही जग की
तोहे दिलबर दिलबर बोल दिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
तौबा हमें मार डालें ये हुस्न वालों के जलवे
तौबा हमें मार डालें ये हुस्न वालों के जलवे
हंगामा मचाएँ ये हुस्न वालों के जलवे
चुराया नहीं इश्क़ छुपाया नहीं
खुल के ज़माने से बोल दिया
दुआ पूरी हुई रब की मंज़ूरी हुई
पीपल पे बाँधा धागा खोल दिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
चारों तरफ़ आज रौनक है
शुभ घड़ियाँ जो ये आईं हैं
लख वारी करें हम उसका शुक्र
कि हम पे मेहर बरसाई है
मेहंदी रची तेरे नाम की
हथेली पे तारे चमकने लगे
सेहरा बँधा मेरे नाम का
सुबह तलक ढोल बजने लगे
आज शामियाना भी ऐसा सजा
न कहीं ख़्वाबों में भी ऐसी जगह
सोने में नहीं हीरे मोती में नहीं
दिल के तराज़ुओं में तोल दिया
आजा यहाँ अब तो है जाना कहाँ
दिल का दरवाज़ा मैंने खोल दिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
मैंने गिरधर गिरधर मोल लिया
मैंने मन बसिये को टटोल लिया
मोहे लाज शरम न रही जग की
तोहे दिलबर दिलबर बोल दिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया
पियाजी मैंने प्रेम मोल लिया