जुडी जोड़ी, जन्म जन्मों की
जनक घर गूँजे है सिया, सिया-राम
वरमाला के खुल गए भाग
तो गा उठी सिया, सिया, सिया, सिया-राम
जुडी जोड़ी, जन्म जन्मों की
जनक घर गूँजे है सिया, सिया-राम
मंगल गाओ रे, धरती सजाओ रे
इस जोड़ी से जाना है जग ने प्यार
जुडी जोड़ी, जन्म जन्मों की
जनक घर गूँजे है सिया, सिया-राम
सूरज मांग भरे धरती की आज रे
बिन छेड़े ही बजे आज हर एक साज रे
राम, सीता बने सिया-राम, सिया-राम
जुडी जोड़ी, जन्म जन्मों की
जनक घर गूँजे है सिया, सिया-राम
मंगल गाओ रे, धरती सजाओ रे
इस जोड़ी से जाना है जग ने प्यार
घर आया रे, संग लाया रे, रघुकुल का अभिमान
घर आया रे, वर लाया रे, मिथिला का सम्मान
देवी आओ रे, फूल बिछाओ रे
शुभ दिन आया रे मोरी नगरी में आज
ये जोड़ी
ये जोड़ी, है किसने जोड़ी?
जगत में गूंजा है सिया, सिया-राम
वैदेही के झुमके की रुनझुन से
आंगन में गूंजा है सिया, सिया-राम
ये संगम धर्म का धरा का
जगत में गूंजा है सिया, सिया-राम
जुडी जोड़ी, जन्म जन्मों की
जनक घर गूँजे है सिया, सिया-राम
वरमाला के खुल गए भाग
तो गा उठी सिया, सिया, सिया, सिया-राम