हो, मन्ने सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े
मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे
मन्ने आए जावे ख्याल तेरे, खाए जावे ख्याल तेरे
जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्ने
गीतां में गाई, कदे छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
सांभ-सांभ राखी बहुत, छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
हो, मार्या-मार्या फिरे, देख हाल तू बिचारे का
तेरे बिना जीणा भी के जीणा बंजारे का?
खोया रहूं याद तेरी कर के नादानियां
बटुए में रखूं तेरी सांभ के निशानियां
तेरे बिना काल होरया, ठीक कोन्या हाल मेरा
हाथ जोड़ूं राम, देदे सांसों ते रिहाई मन्ने
गीतां में गाई, कदे छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
सांभ-सांभ राखी बहुत, छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
हाँ-आँ, आँ-आँ
हाँ-आँ
जे तू थोड़ी घबराज्या, मेरी याद तन्ने आ ज्या
तू दे दिए आवाज रे, मैं आ जाऊंगा
तोड़ूं दुनिया की रीत रे, के हार रे, के जीत?
मन्ने चाहिए तेरी प्रीत, मैं निभा जाऊंगा
देख, बावला बनागी, मन्ने लिखणा सिखागी
हाय, नोच-नोच खागी तेरी बैरण जुदाई मन्ने
गीतां में गाई, कदे छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
आज तै निभाऊं जो सी कसम थी खाई मन्ने
जिंदगी सारी या मेरी तेरे लेखे लाई मन्ने